जालंधर नगर निगम के अधिकारियों की लापरवाही हमेशा ही देखने को मिलती है। आज एक बजुर्ग महिला जो सही से चल भी नहीं पा रही थी उन्होने जानकारी देते हुए कहा की उनके बेटे की मौत 2023 में हो चुकी है उनका बेटा एक सरकारी कर्मचारी था।
बेटे की मौत के बाद उन्होंने जालंधर नगर निगम के अधिकारियों से उनके बेटे की मौत के बाद जो पैसे मिलने है उन्हें नहीं मिले।महिला ने बताया की तब से कलर्क उनके चक्कर लगवा रहे है। इसके चलते उन्हें किसी ने निगम प्रधान शम्मी लूथर के बारे में बताया उसके बाद जब प्रधान नगर निगम कार्यालय पहुंचे तो दफ्तर में खलबली मची उसके बाद प्रधान शम्मी लूथर ने जाके निगम कमिश्नर से बात-चीत कर उन्हें उनका बनता चैक दिलवाया ।
इसमें सवाल यह है की जालंधर नगर निगम इतना लापरवाह है कि इतना समय बीतने के बाद अज अगर प्रधान शम्मी लूथर ना जाते तो अभी तक भी बुजुर्ग की समस्या का हल ना होता बड़ा सवाल ?



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