जालंधर में आम आदमी पार्टी  ने 46 पार्षदों के बहुमत से अपना मेयर बना लिया है। वार्ड नंबर 62 से पार्षद विनीत धीर मेयर बने हैं। नगर निगम में कार्य़भार संभालते हुए विनीत धीर ने कहा है कि करप्शन के खिलाफ उनकी बड़ी लड़ाई होगी।

पत्रकारों से बातचीत करते जालंधर के मेयर वनीत धीर ने पिछली सरकार में स्मार्ट सिटी के नाम पर 1000 करोड़ रुपए में जमकर धांधली हुई है, जिसकी वे जांच करवाएंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव में राजनीति होती है, लेकिन शहर के विकास में कोई राजनीति नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सभी दलों के पार्षदों को साथ में लेकर शहर के कोने-कोने का विकास किया जाएगा।

नगर निगम में महिला कौंसलर को प्रतिनिधितत्व न दिए जाने के मुद्दे पर वनीत धीर ने कहा कि मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पार्टी तय करती है। पार्टी ने जो तय किया, उसे सभी पार्षदों ने माना। उन्होंने कहा कि निगम की एडहाक कमेटियों में महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

शहर की सूरत बदलूंगा

मेयर विनीत धीर ने कहा कि शहर की बदहाल व्यवस्था और निगम के खाली खजाने को भी वे अवसर के तौर पर देखते हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी के नेताओं और भगवान ने मुझ पर यकीन जताया है। जो भी चुनौतियां आएंगी, हम उसके साथ काम करेंगे। जो मैंने पार्टी और शहर के लिए मेहनत की थी, उसका फल मुझे मिला है। इसलिए मैं परमात्मा का शुक्रिया करता हूं। ये सेवा निरंतर जारी रहेंगे। आने वाले 5 साल मैं जालंधर को बदलने की कोशिश करूंगा।

उधर, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ट्वीट कर सभी को बधाई दी। मेयर वनीत धीर, सीनियर डिप्टी मेयर बलबीर सिंह बिट्टू और डिप्टी मेयर मलकीत सिंह को डिप्टी मेयर बनने पर बधाई दी। आपको बता दें कि पिछले कई दिनों से मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के नामों को लेकर कयासबासी चल रहा था।

मेयर चुने जाने के दौरान बधाई देने के लिए आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रधान अमन अरोड़ा, मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ, मंत्री मोहिंदर भगत, शहर और देहात के सभी विधायकों सहित कई AAP के वरिष्ठ नेता पहुंचे थे। जब सभी पार्षद शपथ लेने के बाद लौटने लगे तो कांग्रेस के नॉर्थ हलके से विधायक बावा हैनरी मीडिया से बातचीत कर रहे थे। जिन्हें एकदम से पुलिस ने साइड होने को कह दिया। इस पर विधायक बावा हैनरी और पुलिस अधिकारियों के बीच मामूली बहस भी हो गई थी

कांग्रेस के विधायक बावा हैनरी ने सबसे पहले सभी पार्षदों को बधाई दी और कहा कि आज दुर्भाग्य की बात है कि महिलाओं को आगे बढ़ाने की बात कहने वाली पार्टी ने आज एक भी बड़ा औहदा किसी भी महिला पार्षद को नहीं दिया है। ये शहर के लिए बहुत दुर्भाग्य की बात है। यह AAP की सोच इससे दर्शाती है। शहर में 50 प्रतिशत पार्षद महिलाएं चुनी गई हैं। मगर फिर भी AAP ने किसी महिला को मौका देना सही नहीं समझा।

शहर में कुल 85 वार्ड हैं। जिसमें से आम आदमी पार्टी अपने बलबूते पर सिर्फ 38 सीटें ही जीत पाई थी। मगर बहूमत के लिए आप को कुल 43 पार्षदों के जरूरत थी। जिसके बाद कांग्रेस और बीजेपी छोड़कर कई पार्षदों ने आम आदमी पार्टी जॉइन कर ली। साथ ही 2 आजाद पार्षदों ने आम आदमी पार्टी को समर्थन दे दिया था। जिससे कुल 46 सीट मिलने के बाद जालंधर नगर निगम में आम आदमी पार्टी ने अपना कब्जा जमा लिया है।

जालंधर नगर निगम में पार्षदों के वोटिंग के दौरान किसी भी मीडियाकर्मी और अन्य किसी भी प्रकार के आउटसाइडर को अंदर आने की अनुमति तक नहीं थी। साथ ही पार्षदों के करीबियों तक को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। जिससे पार्षद के परिवार वालों में नाराजगी देखने को मिली