जालंधर में वेस्ट हलके से आप के विधायक शीतल अंगुराल, उनके भाई राजन अंगुराल, भाजपा नेता प्रदीप खुल्लर समेत 12 लोगों के एक मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया है। ये मामला पुलिस कमिश्नर के पब्लिक गेट के आगे धरना लगाने को लेकर था।
इस मामले में आम आदमी पार्टी के विधायक शीतल अंगुराल सहित 12 लोगों को कोर्ट से राहत दी गई है। इसमें उस समय के भाजपा नेता समेत प्रदीप खुल्लर निवासी शास्त्री नगर, राजन अंगुराल न्यू रसीला नगर, तरसेम सिंह निवासी सतनाम नगर बस्ती दानिशमंदा, मिंटू निवासी मौहल्ला चंडीगढ़ जालंधर शामिल थे।
आरोप साबित न होने पर बरी किए जाने का हुक्म
इसके अलावा महेंद्र भगत निवासी भार्गव कैंप, रमन गिल निवासी शिव नगर बस्ती दानिशमंदा, अनिल सोनकर निवासी भुरमंडी,आशु घई निवासी शास्त्री नगर मखदमपुरा जालंधर, विनोद भगत निवासी बस्ती गुजां, सोनू दिनकर निवासी अर्जुन नगर जालंधर, संजय कालड़ा निवासी जालंधर कैंट को आरोप साबित न होने पर बरी किए जाने का हुक्म दिया है।
इस मामले मे इन सभी के विरुद्ध 8 मई 2017 को थाना नई बारादरी में धारा 341, 149 के तहत पुलिसकर्मी के बयानों पर मामला दर्ज किया गया था कि जिसमें उनहोने बताया कि विधायक शीतल अंगुराल ने अपने 15-20 साथियों सहित पुलिस कमिश्नर जालंधर के पास एप्लीकेशन देने के लिए पब्लिक गेट के आगे पहुंचे।
जहां पुलिसकर्मियों ने उन्हें कहा कि आप 8-10 लोगों को लेकर अंदर आ जाओ। परंतु सभी व्यक्तियों ने गेट पर धरना लगाकर बैठ गए और प्रशासन के विरुद्ध उंची-उंची नारेबाजी करके आने-जाने वाले लोगों को अंदर जाने और सरकारी कार्यों में रुकावट डालने व लोगों को परेशान करने पर उक्त 12 लोगों पर मामला दर्ज किया गया था।

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