पंजाब से बड़ी खबर है। पंजाब की भगवंत मान सरकार ने अभी अभी सूबे के 2 वरिष्ठ आईएएस अफसरों को सस्पैंड कर दिया है। मामला पंचायतों के भंग करने से जुड़ा हुआ है। सरकार के इस फैसले से ब्यूरोक्रेट में हड़कंप मचा हुआ है। सस्पैंड हुए एक आईएएस अफसर जालंधर नगर निगम में कमिश्नर रह चुके हैं।

पंजाब सरकार ने पंचायतें भंग करने के मामले में हुई किरकिरी के बाद बड़ी कार्रवाई की है। पंचायत विभाग को भंग करने के मामले में 2 वरिष्ठ आई.ए.एस. अफसरों पर गाज गिरी है। पंजाब ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आज के फैसले के बाद पंचायत विभाग के प्रधान सचिव धीरेंद्र तिवारी और ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक गुरप्रीत सिंह खैहरा को निलंबित कर दिया है।


बता दें कि आज दोपहर पंजाब सरकार ने सभी पंचायतें भंग करने का फैसला वापस ले लिया है। राज्य सरकार अगले 1-2 दिन में अधिसूचना वापस ले लेगी। पंचायतों को भंग करने के मामले पर वीरवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई हुई।

इस बीच पंजाब के मुख्य सचिव ने आदेश वापस लेने की जानकारी दी थी। इससे पहले हाई कोर्ट ने सरकार से पूछा था कि किस अधिकार के तहत पंचायतों को भंग करने का फैसला लिया गया।

पंचायत विभाग के डायरेक्टर गुरप्रीत सिंह खैहरा जालंधर नगर निगम के कमिश्नर रह चुके हैं। इसके अलावा उनका जालंधर में घर है। सरकार के इस आदेश के बाद ब्यूरोक्रेट लाबी में जबरदस्त हड़कंप मचा हुआ है।