(हरियाणा)। Haryana Nuh Violence: हरियाणा से बड़ी खबर है। हरियाणा के नूंह में दो समुदायों में हिंसक झड़प को लेकर प्रशासन अलर्ट है। उपद्रव को देखते हुए शाम को जिला उपायुक्त प्रशांत पंवार ने धारा 144 लागू कर दी। भिवानी के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारणिया को तुरंत प्रभाव से नूंह एसपी की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं प्रशासन की ओर से कर्फ्यू लगा दिया गया है।

कर्फ्यू के दौरान आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों की जांच के बाद जिला में प्रवेश करने दिया जाएगा। शाम चार बजे के बाद दो अगस्त तक के लिए जिले में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई। अधिकारियों ने बताया कि किसी भी तरह के अफवाह को फैलने से रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।

उल्लेखनीय है कि बीते सोमवार को नूंह में बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद व अन्य हिंदू संगठनों की ओर से निकाली गई ब्रज मंडल क्षेत्र की जलाभिषेक यात्रा के दौरान जमकर बवाल हुआ। नल्हड़ स्थित शिव मंदिर में जलाभिषेक करने के बाद यात्रा गांव सिंगार की ओर जा रही थी, तभी खेड़ला चौक के पास मुस्लिम समुदाय के दो सौ से अधिक लोगों ने हमला बोल दिया।

इन लोगों ने पथराव करने के साथ कई राउंड गोलियां चलाईं। इसमें दो होमगार्ड नीरज और गुरसेवक की मौत हो गई। हमले में 15 से अधिक लोग घायल हो गए। उपद्रवियों ने 30 से अधिक वाहन फूंक दिए। 50 से अधिक निजी और सरकारी वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। विहिप व बजरंग दल के करीब तीन हजार कार्यकर्ता व श्रद्धालु मंदिर में छिप गए, जो सात घंटे तक यहां फंसे रहे।

नल्हड़ स्थित शिव मंदिर में जलाभिषेक के बाद यात्रा का समापन सिंगार गांव में होना था। यहां समापन कार्यक्रम को विहिप के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री सुरेंद्र जैन को संबोधित करना था। लेकिन इससे पहले यात्रा पर हमला हो गया। सुरेंद्र जैन ने बताया कि उन्हें निशाना बनाकर गोली चलाई गई थी।

वह उनके सिर के पास से होकर निकली है। इसमें वह बाल-बाल बच गए, लेकिन उनकी गाड़ी को उपद्रवियों ने फूंक दिया। कई वाहनों को भी जला दिया गया। उनके अनुसार कम से कम पांच कार्यकर्ताओं की मौत हो गई है। कई लोग घायल हुए हैं। वे अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं।

यह है पूरे विवाद की पृष्ठभूमि

इसी साल 16 फरवरी को हरियाणा के भिवानी में बोलेरो से दो जले शव बरामद हुए थे। इनकी शिनाख्त राजस्थान के गोपागढ़ निवासी जुनैद और नासिर के रूप में हुई थी। दोनों की हत्या का आरोप बजरंग दल के प्रांत गोरक्षा प्रमुख मोनू मानेसर पर लगाया गया। वह पांच महीने से फरार है। आरोप है कि मोनू मानेसर ने रविवार को वीडियो जारी कर इस यात्रा में शामिल होने की बात कही थी।

उसके एलान को लेकर मुस्लिमों में नाराजगी थी, जबकि कुछ लोगों ने इस वीडियो को गलत ठहराया और कहा कि यह सब फर्जी था। बताया जा रहा है कि लोग यात्रा पर हमले के लिए पहले से तैयार थे। विहिप और बजरंग दल के लोगों का कहना है कि इस यात्रा में मोनू मानेसर शामिल ही नहीं हुआ और अपनी कमियों तथा गलतियों को छिपाने के लिए उसके नाम का इस्तेमाल किया गया है।