पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज प्रेस कांफ्रेंस कर बड़ा खुलासा किया है। सीएम द्वारा पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी को दी गयी डेडलाइन आज समाप्त हो गई है। इसी को लेकर सीएम भगवंत मान ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले पंजाब से एक ऐसा मामला सामने आया था जिसके कारण पंजाब को शर्मसार होना पड़ा था।

उन्होंने बताया कि धर्मशाला में मैच के दौरान Kings 11 पंजाब के खिलाड़ी जसइंदर सिंह से मुलाकात हुई। इसी दौरान जसइंदर सिंह नाम के एक खिलाड़ी ने उनसे दावा किया कि वह खेल कोटे से सिविल सेवा की परीक्षा में शामिल हुए थे लेकिन उन्हें 198 प्रतिशत अंक मिले लेकिन उनका चयन नहीं हुआ। खेल कोटे में उनका चयन नहीं हुआ लेकिन पत्रिका कोटे में जगह नहीं मिली।

इस मामले को लेकर जसइंदर सिंह ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि हम क्रिकेट को खेल नहीं मानते। लेकिन उसके बाद उन्हें अगली कैबिनेट बैठक में नौकरी देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन उसके बाद सरकार बदल गई और चरणजीत सिंह चन्नी मुख्यमंत्री बने। लेकिन उसके बाद उन्हें अगली कैबिनेट बैठक में नौकरी देने का आश्वासन दिया गया था।

उसके बाद सरकार बदल गई और चरणजीत सिंह चन्नी मुख्यमंत्री बने और जसइंदर सिंह उनसे मिले और उन्होंने जसइंदर सिंह से भी कहा कि उन्हें अगली कैबिनेट बैठक में शामिल होना चाहिए। इस युवक को नौकरी देंगे। जिसके बाद चन्नी ने जसिंदर सिंह को अपने भतीजे से मिलने के लिए कहा। जसइंदर सिंह ने कहा कि उसने नौकरी दिलाने के एवज में दो करोड़ रुपये की मांग की थी।

यहां हम आपको बता दे कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ने चन्नी पर खिलाड़ी को नौकरी के नाम पर 2 करोड़ मांगने के मामले में 31 मई तक का समय दिया था। उन्होंने कहा था कि वह अपने भतीजे से बात करके खुद ही बता दे की उन्होंने नौकरी के बदले पैसे लिए है और अगर वह ऐसे नहीं करते तो वह खुद उस खिलाड़ी को सबके सामने लेकर आएंगे।