लुधियाना ( पंजाब ) के ट्रांसपोर्ट टेंडर घोटाले में घिरे पूर्व कांग्रेसी मंत्री भारत भूषण आशु की मुश्किलें बढ़ गई हैं। AAP सरकार ने विजिलेंस को आशू के खिलाफ केस चलाने की अनुमति दे दी है। विजिलेंस ने सरकार से यह मांग की थी। आशू को ट्रांसपोर्ट टेंडर घोटाला में नामजद कर विजिलेंस ने 22 अगस्त को सैलून से गिरफ्तार किया था।

14 नवंबर को दायर की थी चार्जशीट

22 अगस्त को गिरफ्तार किए जाने के बाद से आशू मामले में अभी भी न्यायिक हिरासत में जेल में है। विजिलेंस ब्यूरो ने कांग्रेस के पूर्व मंत्री भारत भूषण आशू, ठेकेदार तेलू राम और कमीशन एजेंट (आढ़ती) कृष्ण लाल धोतीवाला के खिलाफ अदालत में चार्जशीट 14 नवंबर को दायर की थी

लुधियाना रेंज के SSP रविंदरपाल सिंह संधू ने कहा कि उन्होंने सरकार से पूर्व मंत्री आशू पर मुकदमा चलाने के लिए अभियोजन स्वीकृति के लिए आवेदन किया था, जो उन्हें प्राप्त हुआ। जिन आरोपियों के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो ने अदालत में चार्जशीट दायर की थी उनमें से 3 ठेकेदार और आढ़ती हैं और उनके लिए अभियोजन स्वीकृति की आवश्यकता नहीं है।

सिंगला के लिए स्वीकृति की जरूरत नहीं

SSP संधू ने कहा कि बर्खास्त उपनिदेशक खाद्य और नागरिक आपूर्ति RK सिंगला को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। सिंगला पहले ही बर्खास्त किया जा चुका है। इस कारण उस पर मुकदमा चलाने के लिए अभियोजन स्वीकृति की आवश्यकता नहीं है। दो जिला खाद्य और नागरिक आपूर्ति नियंत्रक (DFSC) सुखविंदर सिंह गिल, हरवीन कौर को 22 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था। ब्यूरो उनके खिलाफ जांच पूरी करने के बाद मुकदमा चलाने की सरकार से मंजूरी के लिए आवेदन करेगा।