अकाली दल (अमृतसर) के सुप्रीमो सिमरनजीत सिंह मान ने महान क्रांतिकारी भगत सिंह को आतंकवादी बताने के बाद सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने से इनकार कर दिया था. जिसके बाद दिल्ली भाजपा के एक नेता ने मान के खिलाफ शिकायत दर्ज की. शिकायत में कहा गया कि स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह की कथित तौर पर एक आतंकवादी से तुलना की गई है.
मान अपने शब्दों पर अभी भी कायम
मान ने कहा था कि वह अपने शब्दों पर अभी भी कायम हैं और वह माफी नहीं मांगेंगे. लेकिन जब मामला तूल पकड़ लिया तो मान ने उनके शब्दों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का आरोप लगाया और दिल्ली में ही काउंटर एफआईआर दर्ज कराई.
जनरल डायर को लेकर कही थी यह बात
उन्होंने अपने नाना द्वारा जनरल डायर को सिरोपा सौंपने को भी जायज ठहराया था. उन्होंने कहा था कि उनके नाना ने जनरल डायर को शांत करने के लिए ऐसा किया था. चूंकि वह हरमंदिर साहिब पर हमला करना चाहता था. उनके नाना ने उस समय सिखों के हितों की रक्षा की थी. गौरतलब है कि करनाल में पत्रकारों से बातचीत के दौरान सिमरनजीत सिंह मान से जब पूछा गया था कि उन्होंने अतीत में भगत सिंह को एक “आतंकवादी” के रूप में क्यों संदर्भित किया. जब कि वह एक महान शहीद हैं? तो मान ने कहा था कि क्या लोगों को मार देना और पार्लियामेंट में बम फेंकना शराफत की बात है? जब उनसे कहा गया कि भगत सिंह आजादी के लिए अंग्रेजों से लड़े थे तो उन्होंने कहा कि यह आपकी सोच है. उन्होंने कहा कि कुछ भी हों वे आतंकवादी तो हैं.
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