इससे पहले ईडी ने जब राहुल गांधी और राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कोषाध्यक्ष पवन कुमार बंसल आदि से पूछताछ की थी तो उन्होंने भी कथित तौर पर इसी तरह के जवाब दिए थे और एजेएल और यंग इंडियन के बीच हुए लेनदेन के बारे में अनभिज्ञता जताई थी. रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि सोनिया गांधी अब तक की पूछताछ में करीब 75 सवालों पर अपने बयान दर्ज करा चुकी हैं. राहुल गांधी ने 5 दिनों की पूछताछ में करीब 100 सवालों के जवाब दिए थे.
ईडी कांग्रेस नेताओं से ये जानना चाहती है कि महज 5 लाख के शेयर कैपिटल वाली कंपनी यंग इंडियन को कांग्रेस का 90 करोड़ का कर्ज चुकाने की जिम्मेदारी कैसे दे दी गई. कैसे उसे एजेएल की 100 फीसदी संपत्ति ट्रांसफर कर दी गई, जिसमें दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, भोपाल और चंडीगढ़ में कांग्रेस की तत्कालीन सरकारों से रियायती दरों पर मिली संपत्तियां भी शामिल थीं.
ईडी से डॉजियर के मुताबिक, जब यंग इंडियन ने 90.2 करोड़ का लोन अपने ऊपर लिया था, तब उसके पास कोई फंड नहीं था. उसने कोलकाता की डॉटेड मर्चेंडाइज कंपनी से 1 करोड़ का लोन लेने का दावा किया, जिसे शेल कंपनी माना जा रहा है. यंग इंडियन ने इस 1 करोड़ में से कांग्रेस को सिर्फ 50 लाख रुपये दिये. कांग्रेस का दावा है कि उसने एजेएल को 90.2 करोड़ दिए थे ताकि वह कर्मचारियों का वेतन और वीआरएस का बकाया पैसा चुका सके. लेकिन कांग्रेस के नेता इस भुगतान का कोई सबूत दिखाने में नाकाम रहे हैं.
अखबार की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईडी सोनिया गांधी से बुधवार को पूछताछ पूरी कर सकती है ताकि इस केस में मुकदमा चलाने के लिए प्रॉसिक्यूशन रिपोर्ट दाखिल की जा सके. यह एक तरह की चार्जशीट जैसी होती है. सोनिया और राहुल गांधी पर हेराल्ड केस में धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश जैसे आरोप हैं. हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट भी इन आरोपों को रद्द करने से इनकार कर चुके हैं. फिलहाल वे दिल्ली कोर्ट से जमानत पर हैं.

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